"भारत के प्रत्येक जिले, नगर और गाँव में साईं सहायक परिवार का एक सेवा सहयोगी हो, ताकि आवश्यकता पड़ने पर कोई भी व्यक्ति स्वयं को अकेला न महसूस करे।"